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एक विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में 15 वर्षीय किशोरी के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया।
घटना के उपरांत, किशोरी ने सार्वजनिक रूप से अपनी गलती स्वीकार करते हुए क्षमा याचना की और अपनी कम उम्र का हवाला दिया।
यह प्रकरण देश में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार, नाबालिगों की कानूनी जवाबदेही तथा सार्वजनिक हस्तियों की आलोचना की सीमाओं पर व्यापक बहस का केंद्र बन गया है।