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एक आंतरिक जांच में बोचासनवासी अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्था (BAPS) को एफिल टावर के पास एक होटल में महिला कर्मचारियों को हटाने के आरोप से बरी कर दिया गया है।
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, जांच में BAPS प्रतिनिधिमंडल द्वारा ऐसी 'किसी स्पष्ट मांग' का कोई सबूत नहीं मिला है।
यह फैसला उन शुरुआती रिपोर्टों के बाद आया है जिनमें BAPS पर धार्मिक कारणों से होटल में सेवा देने वाली महिला कर्मचारियों को हटाने का आरोप लगाया गया था।