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8 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) से संबंधित एक विवाद ने नया मोड़ ले लिया, जिसमें विपक्षी दलों ने अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखने का संकल्प लिया।
यह विरोध प्रदर्शन मुख्य रूप से 'वोट चोरी' के आरोपों और चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता को लेकर चिंताओं के इर्द-गिर्द केंद्रित है।
विपक्षी नेताओं ने घोषणा की है कि वे अपनी मांगों को लेकर और चुनाव आयोग पर दबाव बनाने के लिए भविष्य में भी प्रदर्शन जारी रखेंगे।